मेरी खुशी हो या मेरा गम तुमसे ही रूकता हूं तुम्हें ही मनाता हूं आजकल अजब से कशमकश में जिंदगी गुजर रही है तुमसे मुलाकात से पहले दिल में सुकून था जबसे मिली हो मेरे दिल का करार खो गया है मन बार-बार यह कहने लगा है तुमसे प्यार हो गया है मेरा दिल तुम्हारे प्यार में पागल हो चुका है अब इसे समझाना मुश्किल सा लग रहा है कभी फुर्सत मिले आकर मुलाकात कर लो मेरे मन की हकीकत से रूबरू हो जाओगी
तुम्हारे प्यार के बिना हम बर्बाद हो जाएंगे जिंदगी का गुजारा होता है तुम्हारे प्यार से तुम ऐसे ही सहयोग देती रहो यह जिंदगी जन्नत हो जाएगी जो कभी तकलीफ में रहूं मेरे मनोबल को कम होने ना देना अपनी अदाओं से मन को लुभाने लगी हो मेरे इरादों को बखूबी समझ लेने के बाद हद से ज्यादा सताने लगी हो जो ठोकर दिल को लगाओगे हम टूटकर बिखर जाएंगे संभालकर रखना यह तुम्हारी अमानत है काफी वक्त गुजर गया एक दूसरे को आजमाने में दोनों तरफ मोहब्बत में कोई कमी नहीं है वह मुझमें जिंदगी ढूंढते रहे और हम उनके में जिंदगी ढूंढते रहे