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Showing posts from October, 2019

मेरी खुशी हो या मेरा गम

मेरी खुशी हो या मेरा गम तुमसे ही रूकता हूं तुम्हें ही मनाता हूं आजकल अजब से कशमकश में जिंदगी गुजर रही है तुमसे मुलाकात से पहले दिल में सुकून था जबसे मिली हो मेरे दिल का करार खो गया है मन बार-बार यह कहने लगा है तुमसे प्यार हो गया है मेरा दिल तुम्हारे प्यार में पागल हो चुका है अब इसे समझाना मुश्किल सा लग रहा है कभी फुर्सत मिले आकर मुलाकात कर लो मेरे मन की हकीकत से रूबरू हो जाओगी